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रहने का साहस किया
कभी यह स्थान बहुत खूबसूरत हुआ करता था लेकिन आज इसे शैतानी रूहों ने अपने कब्जे में ले लिया है. य
ह आत्माएं इतनी खतरनाक और दुष्ट हैं कि दिन ढलते ही जो भी व्यक्ति अपनी मौजूदगी यहां दर्ज करवाता है उसे वह अपना शिकार बना लेती हैं.
बहुत से लोग हैं जिन्हें आत्माओं, पारलौकिक शक्तियों और शैतानी ताकतों जैसी किसी भी ची
ज पर विश्वास नहीं होता, वह ऐसी बातों को मनगढंत मानकर झुठला देते हैं लेकिन यह भी सच है कि किसी के झुठलाने से या टाल देने से सच नहीं बदलता.
भोपाल के शिवपुरी में स्थित 2100 साल पुराना किला एक जमाने पहले बेहद खुशनुमा हुआ करता था. लेकिन अब यहां रात तो क्या दिन में कोई आने का साहस नहीं
करता. लोगों का कहना है कि यहां रात के समय घुंघुरुओं की आवाजें आती हैं जो दूर-दूर तक लोगों को सुनाई देती हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन ढलते ही यहां महफिल जमती है जिसमें प्रेत-आत्माएं शामिल होती हैं और जिन-जिन लोगों ने उस महफिल को देखा उनकी तुरंत ही मौत हो गई.
भोपाल के शिवपुरी में एक छोटा सा कस्बा है पोहरी, जहां यह किला स्थित है. इस स्थान के बारे में कोई नहीं जानता लेकिन जब से मीडिया में यहां होने वाली सं
देहास्पद घटनाओं को प्रचारित किया गया है तभी से लोगों को यह समझ आने लगा है कि यहां कुछ ना कुछ गड़बड़ जरूर है.
वे लोग जो भूत-प्रेत और आत्माओं के होने जैसी बातों पर यकीन नहीं करते अब तो वो भी इस किले को श्रापित समझने लगे हैं. इस नहीं है.
कभी यह स्थान बहुत खूबसूरत हुआ करता था लेकिन आज इसे शैतानी रूहों ने अपने कब्जे में ले लिया है. य
ह आत्माएं इतनी खतरनाक और दुष्ट हैं कि दिन ढलते ही जो भी व्यक्ति अपनी मौजूदगी यहां दर्ज करवाता है उसे वह अपना शिकार बना लेती हैं.
बहुत से लोग हैं जिन्हें आत्माओं, पारलौकिक शक्तियों और शैतानी ताकतों जैसी किसी भी ची
ज पर विश्वास नहीं होता, वह ऐसी बातों को मनगढंत मानकर झुठला देते हैं लेकिन यह भी सच है कि किसी के झुठलाने से या टाल देने से सच नहीं बदलता.
भोपाल के शिवपुरी में स्थित 2100 साल पुराना किला एक जमाने पहले बेहद खुशनुमा हुआ करता था. लेकिन अब यहां रात तो क्या दिन में कोई आने का साहस नहीं
करता. लोगों का कहना है कि यहां रात के समय घुंघुरुओं की आवाजें आती हैं जो दूर-दूर तक लोगों को सुनाई देती हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन ढलते ही यहां महफिल जमती है जिसमें प्रेत-आत्माएं शामिल होती हैं और जिन-जिन लोगों ने उस महफिल को देखा उनकी तुरंत ही मौत हो गई.
भोपाल के शिवपुरी में एक छोटा सा कस्बा है पोहरी, जहां यह किला स्थित है. इस स्थान के बारे में कोई नहीं जानता लेकिन जब से मीडिया में यहां होने वाली सं
देहास्पद घटनाओं को प्रचारित किया गया है तभी से लोगों को यह समझ आने लगा है कि यहां कुछ ना कुछ गड़बड़ जरूर है.
वे लोग जो भूत-प्रेत और आत्माओं के होने जैसी बातों पर यकीन नहीं करते अब तो वो भी इस किले को श्रापित समझने लगे हैं. इस नहीं है.





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