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पाने के कारण
हुत से ऐसे लोग हैं जो यह स्वीकार करते हैं कि उन्होंने रूहों को देखा है, लेकिन जिन लोगों का सामना कभी किसी मृत आत्मा या भटकती रूह से नहीं हुआ
उनके लिए यह सब बचकानी और मनगढ़ंत बातें भी हैं. इसमें गलती उनकी नहीं जो रूहों के होने को नकारते हैं लेकिन कहते हैं ना सच तो सच होता है उ
से किसी के स्वीकार करने या नकार देने से फर्क नहीं पड़ता. और सच यही है कि मरने के बाद अतृप्त और असंतुष्ट आत्माएं इंसानी दुनिया में वापस आती हैं औ
र उनके इस दखल से जीते-जागते लोग तो प्रभावित होते ही हैं साथ ही वह मरने के बाद भी अगर उनकी इच्छाएं पूरी नहीं होतीं तो वह खुद भी परेशान रहती हैं.
आज हम आपको ऐसे ही एक स्थान के बारे में बताएंगे जहां मुर्दे चलते हैं और मृत आत्माएं अपना पहरा जमाए हुई हैं.
सैन डिएगो, कैलिफोर्निया (न्यूयॉर्क) के एक एकांत स्थान पर स्थित वैले हाउस, जिसका निर्माण
थॉमस वैले ने 1857 के आसपास करवाया गया था. लेकिन जैसे ही थॉमस के बेटे की मृत्यु हुई इस घर में अचानक ही हादसों का सिलसिला शुरू हो गया. थॉम
स का बेटा सिर्फ 18 महीने का ही था जब उसे तेज बुखार ने अपनी चपेट में ले लिया और इसी कारण वह इस दुनिया से चल बसा.
वैले परिवार को इस घर में आने से पहले ही यह लगता था कि कुछ तो है जो बहुत अजीब है, उन्हें इस बात का भी अंदेशा था कि इस मकान को रूहों ने अपनी चपेट
में ले रखा है. स्थानीय लोगों ने कई बार उन्हें चेताया भी था कि जिस स्थान पर वो मकान बनाने जा रहे हैं वहां एक व्यक्ति की मौत हुई थी, लेकिन उन्होंने इस
बात पर विश्वास नहीं किया और मकान के निर्माण का काम जारी रखा और इसमें रहने भी आ गए. लेकिन उस मृत आदमी की रूह ने उन्हें हर समय परेशान किया.
रहे हैं.
हुत से ऐसे लोग हैं जो यह स्वीकार करते हैं कि उन्होंने रूहों को देखा है, लेकिन जिन लोगों का सामना कभी किसी मृत आत्मा या भटकती रूह से नहीं हुआ
उनके लिए यह सब बचकानी और मनगढ़ंत बातें भी हैं. इसमें गलती उनकी नहीं जो रूहों के होने को नकारते हैं लेकिन कहते हैं ना सच तो सच होता है उ
से किसी के स्वीकार करने या नकार देने से फर्क नहीं पड़ता. और सच यही है कि मरने के बाद अतृप्त और असंतुष्ट आत्माएं इंसानी दुनिया में वापस आती हैं औ
र उनके इस दखल से जीते-जागते लोग तो प्रभावित होते ही हैं साथ ही वह मरने के बाद भी अगर उनकी इच्छाएं पूरी नहीं होतीं तो वह खुद भी परेशान रहती हैं.
आज हम आपको ऐसे ही एक स्थान के बारे में बताएंगे जहां मुर्दे चलते हैं और मृत आत्माएं अपना पहरा जमाए हुई हैं.
सैन डिएगो, कैलिफोर्निया (न्यूयॉर्क) के एक एकांत स्थान पर स्थित वैले हाउस, जिसका निर्माण
थॉमस वैले ने 1857 के आसपास करवाया गया था. लेकिन जैसे ही थॉमस के बेटे की मृत्यु हुई इस घर में अचानक ही हादसों का सिलसिला शुरू हो गया. थॉम
स का बेटा सिर्फ 18 महीने का ही था जब उसे तेज बुखार ने अपनी चपेट में ले लिया और इसी कारण वह इस दुनिया से चल बसा.
वैले परिवार को इस घर में आने से पहले ही यह लगता था कि कुछ तो है जो बहुत अजीब है, उन्हें इस बात का भी अंदेशा था कि इस मकान को रूहों ने अपनी चपेट
में ले रखा है. स्थानीय लोगों ने कई बार उन्हें चेताया भी था कि जिस स्थान पर वो मकान बनाने जा रहे हैं वहां एक व्यक्ति की मौत हुई थी, लेकिन उन्होंने इस
बात पर विश्वास नहीं किया और मकान के निर्माण का काम जारी रखा और इसमें रहने भी आ गए. लेकिन उस मृत आदमी की रूह ने उन्हें हर समय परेशान किया.
रहे हैं.





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